सुविधाएं

भिलाई आधुनिकीकरण एवं विस्तार योजना

संयंत्र एवं सुविधाएं

Facilities

निजी खानें

लौह अयस्क - डल्ली-राजहरा लौह अयस्क कॉम्पलेक्स, भिलाई से 80 किमी. दूर
चूना पत्थर - नन्दिनी, भिलाई से 23 किमी. दूर
डोलोमाइट - हिर्री, भिलाई से 150 किमी. दूर

कोक भट्टियां

बैटरी नं. भट्टियों की संख्या भट्टी की ऊँचाई (मी. में) प्रति भट्टी कोयला उठाने-रखने की क्षमता (टन में) प्रति भट्टी कच्चा माल (घन मी. में) ताप उपभो 
(के.कैल./किलो में)
1-8 65 4.3 16.8 21.6 625-675
9-10 67 7.0 32.0 41.6 625-675

धमन भट्टियां

  • 1033 घन मीटर क्षमता की 3 भट्टियां
  • 1719 घन मीटर क्षमता की 3 भट्टियां
  • 2355 घन मीटर क्षमता की 1 भट्टी

तप्त धातु क्षमता: 47 लाख टन प्रति वर्ष

स्टील मेल्टिंग शॉप

बीओएफ, वीएडी/लैडल फर्नेस/आरएच-डीगैसर और कंटीनुअस कास्टिंग मार्ग से इस्पात निर्माण

  • 110/130 टन के 3 कन्वर्टर
  • वीएडी यूनिट, 2 आरएच डीगैसर, 2 लैडल फर्नेस
  • 4 स्लैब कास्टर, 1 ब्लूम कास्टर, 1 कॉम्बी कॉस्टर

वार्षिक क्षमता: 14 लाख 25 हजार टन ढला इस्पात

कन्वर्टर शॉप

  • 110/130 टन क्षमता के तीन बेसिक ऑक्सीजन फर्नेस (बीओएफ) कन्वर्टर
  • सेकेण्डरी रिफाइनिंग सुविधाएं: 1 वीएडी यूनिट, 2 आरएच डीगैसर, 2 लैडल फर्नेस, 1 डिसल्फ्यूराइजेशन यूनिट

कंटीनुअस कास्टिंग शॉप : 4 स्लैब कास्टर, 1 ब्लूम कास्टर, 1 कॉम्बी कास्टर

ट्विन हर्थ फर्नेस (टीएचएफ) मार्ग से इस्पात निर्माण:

  • 250-250 टन क्षमता की 4 टीएचएफ
  • 25 लाख टन इस्पात पिण्ड की वार्षिक क्षमता

ब्लूमिंग एवं बिलेट मिल

  • सोकिंग पिटों के 14 जोड़े
  • 21 लाख 40 हजार टन प्रति वर्ष ब्लूम उत्पादन क्षमता
  • 15 लाख टन प्रति वर्ष बिलेट उत्पादन क्षमता

रेल एवं स्ट्रक्चरल मिल
क्षमता - 7,50,000 टन

उत्पाद

  • रेल की पटरियां - आर-52 किग्रा./मी. और आर-60 किग्रा./मी., यूटीएस 880 एन/वर्ग मिमी.-आईआरएसटी 12/96 मानकों, यूरो मानक तथा अन्तर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप
  • मोटी वेब एसाईमीट्रिक पटरियां जेडयू 1-60
  • बीम - 600, 500, 450, 400 350, 300 और 250
  • चैनल - 400, 300 और 250
  • ऐंगल - 200 और 150
  • क्रॉसिंगस्लीपर
  • क्रेन रेल - केपी 80, 100, 120 और 140
  • देश की सबसे लम्बी 260 मीटर पटरियों का भिलाई एकमात्र सप्लायर है

भिलाई रेल की पटरियां

  • देश का सबसे बड़ा और विश्व का प्रमुख रेल-पटरी उत्पादक
  • पटरियां बनाने में 45 वर्ष का अनुभव
  • 1 करोड़ 50 लाख टन से अधिक पटरियों का उत्पादन; 27 लाख किलोमीटर लम्बी पटरियों का निर्माण
  • भारतीय रेलवे - देश की सबसे बड़ी रेल केवल भिलाई में बनी पटरियों पर चलती हैं
  • भिलाई की पटरियों पर सबसे अधिक गाड़ियां चलती हैं और इन पर सबसे अधिक एक्सल भार है
  • दक्षिण कोरिया, न्यूजीलैंड, अर्जेन्टीना, तुर्की, ईरान, मिस्र, घाना, बांग्लादेश और मलेशिया सहित 10 देशों को निर्यात

बेहतर टेक्नोलॉजी

  • एलडी कन्वर्टर-लैडल फर्नेस-आरएच डीगैसर-कंटीनुअस कास्टिंग मार्ग से तैयार इस्पात से बनी पटरियां। इनमें विश्व के किसी भी देश की अपेक्षा डीगैसिंग और शोधन का सबसे अच्छा स्तर बनाए रखा जाता है तथा यह शत-प्रतिशत हीट में हाइड्रोजन 1.5 पीपीएम से कम होता है।
  • कारखाने से 80 मीटर लम्बी पटरियां की ढलाई और 260 मीटर तक जोड़ लगी पटरियां प्राप्त होती हैं।
  • विश्व की सर्वाधिक विकसित और लेज़र माप पर आधारित टेक्नोलॉजी से पटरियों में सीधे रहने का उच्च गुण होता है।
  • एनडीटी उपस्कर लेज़र से सिधाई मापने के उपकरणों, अल्ट्रासोनिक और ऐडी करन्ट परीक्षण मशीनों से गुजरी एनडीटी सुविधाओं से परीक्षित विश्व कोटि की पटरियां।
  • रेल के भण्डारण के लिए स्वचालित भण्डारग्रह तथा उठाने-रखने के लिए कम्प्यूटर से संचालित उपकरणों का प्रयोग।
  • सभी प्रविधियों और प्रत्येक पटरी से सम्बन्धित परीक्षण आंकड़ों के भण्डारण और उन्हें एकत्र करने के लिए कम्प्यूटरीकृत प्रणाली का उपयोग।

भिलाई में तैयार रेल की पटरियां - विश्व प्रमाणित

  • आरडीएसओ, भारतीय रेलवे
  • राइट्स लिमिटेड
  • एलआरक्यूए (लॉयड रजिस्टर क्वालिटी एश्योरेंस) द्वारा आईएसओ 9001:2000 प्रमाणित
  • बीआईएस आईएसओ 14000 प्रमाणित
  • क्राउन एजेन्ट, लन्दन
  • जनरल सुपरिंटेंडेंस कम्पनी, जिनेवा
  • लॉयड्स रजिस्टर ऑफ़ शिपिंग
  • राबर्ट डब्ल्यू हंट एण्ड कम्पनी
  • ओवरसीज़ मर्केन्डाइज़ इन्सपेक्शन कम्पनी, टोक्यो
  • इजिप्शियन रेलवे इन्सपेक्शन टीम
  • टूबोस्कोप वेटको जीएमबीएच, ड्यूशलैंड

भिलाई की विशेष पटरियां

  • कॉपर मॉलिबडेनम जंगरोधक पटरियां
  • हाई यील्ड शक्ति/यूटीएस वेनेडियम माइक्रो-एलॉयड रेल
  • हाई कन्डक्टिविटी मेट्रो रेल की पटरियां
  • कॉपर-क्रोमियम मिश्र उच्च शक्ति पटरियां

मिलें

क्षमता - 5,00,000 टन

उत्पाद

  • सादा राउंड: व्यास 28, 32, 36, 40, 50, 53, 56, 63 और 67
  • टीएमटी बार: 25, 28, 32, 36, 40 और 45
  • हल्की संरचनाएं: चैनल 100 × 50, 75 × 40
  • एंगल्स: 50 × 50 × 5 से 90 × 90 × 10 तक

हल्की संरचनाओं और राउंड के छोटे ऑर्डर एक महीने के भीतर सप्लाई करने के लिए उपभोक्ता की मांग के अनुरूप सामान तैयार किया जा रहा है।

वायर रॉड मिल

क्षमता - 4,20,000 टन

  • वायर रॉड (सादा, इलैक्ट्रोड श्रेणी और टीएमटी) 5.5, 6, 7, 8 और 10 मिमी. सादा और रिब्ड तथा 12 मिमी. सादा और कॉयल के रूप में

प्लेट मिल
क्षमता - 9,50,00 टन
प्लेट की मोटाई - 8-120 मिमी.
चैडाई - 1500-3270 मिमी.
लम्बाई - 5-12.5 मी. 

आधुनिक प्लेट मिल में भारी तथा मंझौली प्लेटों और पाइप निर्माताओं की आवश्यकता के लिए प्लेटों का निर्माण किया जाता है। इस मिल में नाना प्रकार की प्लेटें किसी भी आकार में और किसी भी शक्ति, रासायनिक या भौतिक गुणों की प्लेटें तैयार की जा सकती हैं। यहां उच्च दाब, बॉयलर क्वालिटी तथा हाई टेन्साइल स्टील की प्लेटें तैयार करने की क्षमता है। यहां तैयार लॉयड मानकों के अनुरूप पोत निर्माण प्लेटें तथा दाब-सह पोत बॉयलर प्लेटों का भी निर्माण होता है जो विभिन्न एएसटीएम, एएसएमई मानकों के अनुरूप हैं तथा प्रकृति और समय की चुनौतियों पर खरी उतरी हैं। इस मिल की कुछ विशेषताओं में इसकी निर्माण के दौरान माल तैयार करने तथा उसे सामान्य स्थिति में लाना शामिल हैं। भिलाई में सबसे चैड़ी प्लेट मिल है तथा इसमें निरन्तर ढाले गए स्लैब कच्चे माल के रूप में प्रयोग किए जाते हैं। इसके लिए कंटीनुअस कास्टिंग के दौरान नियन्त्रित परिस्थितियों में एलडी कन्वर्टरों में तैयार तरल इस्पात में आर्गन गैस प्रविष्ट की जाती है जिससे सभी गैर-धात्विक पदार्थ अलग हो जाते हैं और प्लेट मिल के लिए उच्च श्रेणी का कच्चा माल प्राप्त होता है। रोलर हर्थ सामान्यकरण भट्टी में प्लेटों को उपभोक्ता के मानकों के अनुरूप सामान्य बनाया जाता है।

नए उत्पाद

उपभोक्ताओं की बदलती आवश्यकताओं की पूर्ति और बाजार में अपना अंशदान बढ़ाने के लिए अनुसंधान एवं विकास तथा प्रक्रिया सुधार से कई नए उत्पाद तैयार किए गए हैं। 2008-09 में निम्नलिखित श्रेणी के उत्पाद विकसित किए गए:

  1. 40 मिमी. उच्च जंगरोधक तथा भूकम्परोधक एफई 500 टीएमटी री-बार
  2. 32 मिमी. में रॉकबोल्ट टीएमटी एफई 600
  3. एफई 500 श्रेणी में 12 मिमी. की भूकम्परोधक टीएमटी वायर रॉड
  4. एफई 500 श्रेणी में 36 मिमी. की भूकम्परोधक टीएमटी री-बार
  5. सीआर-वी मिश्र 110 यूटीएस रेल
  6. अति उच्च शक्ति की सेल मा 600 प्लेटें
  7. जंगरोधक उपयोग के लिए कम कार्बन की सीयू युक्त संरचना इस्पात प्लेटें
  8. उच्च टेन्साइल बीएसईएन 10025 एस 355 एनएल श्रेणी की अति कम ताप सहने वाली मोटी प्लेटें (60 मिमी.)
  9. भारतीय रेलों के लिए 8 और 10 मिमी. की आईआरएस एम - 41 (सेल कोर) श्रेणी में उच्च टेन्साइल सभी मौसम में उपयुक्त प्लेटें
  10. एनवी ई 36 श्रेणी में उच्च टेन्साइल एसबीक्यू श्रेणी की प्लेटें
  11. उच्च तापमान के लिए उपयुक्त सीआर-एमओ मिश्र आईएस 1570 श्रेणी के 53 मिमी. राउंड बार
  12. अल्ट्रासोनिक परिस्थितियों में गारन्टी प्राप्त संरचनाओ के लिए उपयुक्त मोटी प्लेटें (115 मिमी.)

आधुनिक प्रविधियां

इस्पात निर्माण

वैक्यूम आर्क डिगैसिंग: इस इकाई में कम गैस वाला कम सल्फर का इस्पात निर्माण सुनिश्चित किया जाता है। साथ ही, यहां ढलाई के समय तापमान इस्पात के गुणों और इस्पात में सफाई का उच्च स्तर भी प्राप्त होता है। 

आरएच डिगैसर (2): कारखाने में पटरियों के लिए इस्पात से हाइड्रोजन अलग करने के लिए एक 130 टन क्षमता की आरएच डिगैसिंग इकाई स्थापित की गई है। स्टील मेल्टिंग शॉप में पटरियों के लिए तैयार इस्पात में हाइड्रोजन का स्तर 1.5 पीपीएम से कम रखा जाता है। 

लैडल फर्नेस (2): यह यूनिट इस्पात में रसायन परिवर्तन तथा शीत हीट या वापसी हीट के समय विधाययन करती हैं। 130 टन की इस भट्टी में बीओएफ के टैपिंग तापमान में कमी करने, बीओएफ की लाइनिंग का जीवनकाल बढ़ाने आदि लाभ भी प्राप्त हैं। यह बेसिक ऑक्सीजन फर्नेस और कंटीनुअस कास्टिंग मशीन के बीच तैयार इस्पात सुरक्षित रखने के लिए भी उपयोग की जाती है। इसके अलावा यह फेरो मिश्र धातु, कार्बनाइजर तथा डीक्सीडाइजर के उपयोग को भी कम करती है तथा स्वच्छ इस्पात तैयार करने में मदद करती है।

डिसल्फराइजेशन यूनिट: यह यूनिट तप्त धातु सल्फर कम करके बेहतर इस्पात बनाने के लिए स्थापित की गई है।

फिनिशिंग मिल:

  • प्लेट मिल में विधाययन के दौरान अल्ट्रासोनिक परीक्षण मशीन
    - सभी एपीआई श्रेणी की प्लेटों के लिए निर्माण के दौरान परीक्षण अनिवार्य
    -सभी प्लेटों की सतह और किनारों की शत-प्रतिशत जांच और उनका परीक्षण
  • एचएजीसी एवं स्वचालित मोटाई मापक
    - बेहतर गुणवत्ता आश्वासन
    - आकार तथा प्रकार पर बेहतर नियन्त्रण
    - प्राप्ति में 2 प्रतिशत का सुधार
  • प्लेट मिल में प्लेटों के बारे में कम्प्यूटर द्वारा जानकारी एकत्र करना
  • पूरे कारखाने में फाइबर ऑप्टिक तारों का जाल

पर्यावरण प्रबन्धन

एक जागरूक नागरिक होने के नाते भिलाई इस्पात कारखाने ने संसाधन संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण नियन्त्रण, व्यर्थ जाने वाले माल में कमी तथा व्यर्थ माल से सम्पदा तैयार करने को उच्च प्राथमिकता प्रदान की है। प्रभावी नियन्त्रण और समीक्षा से यह सुनिश्चित किया गया है कि सभी नियमों का सुचारू रूप से पालन किया जाए।

पूरे कारखाने और इस्पात नगरी व डल्ली खानों में आईएसओ 14001 प्रमाणीकरण लागू किया गया है। कारखाने ने धमन भट्टियों में पर्यावरण समर्थक कोल डस्ट इंजेक्शन प्रणाली और दूसरी इकाइयों में धूलरोधक और इलैक्ट्रोस्टेटिक प्रीसिपिटेटर लगाए हैं। इसके अतिरिक्त गैस में कमी के लिए वातावरण साफ करने की प्रणाली भी कार्य कर रही है। इस्पात कारखाने में ओजोन कम करने वाले सीटीसी को हटाने के लिए भी कार्य शुरू किया है। यह कार्य संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के सहयोग से किया जा रहा है। कारखाने में 2007-08 के दौरान जल उपभोग 3.04 घन मीटर प्रति टन कच्चा इस्पात था, जो देश में सबसे कम है।

भिलाई इस्पात कारखाने ने पहली बार स्वैच्छिक गैस निकासी में कमी के लिए कारखाने के भीतर दो योजनाएं शुरू की हैं जिसकी भूरि-भूरि प्रशंसा की गई है। ‘एसपी-3 बेकार जाने वाले ताप को पुनः प्राप्त करने की प्रणाली’ और ”अन्तिम भट्टी 3 और 4 के थाईरिस्टराइजेशन की स्किप हॉइस्ट इलेक्ट्रिक सप्लाई“ से सम्बन्धित परियोजनाओं को इटली की मैसर्स आरआईएनए से वीईआर के अन्तर्गत प्रमाणपत्र मिला है। इससे भिलाई को 9,74,743 टन कार्बन डाइऑक्साइड निकासी में कमी के लिए 2007-08 तक बीईआर अन्तर्राष्ट्रीय बाजार से राजस्व की दावेदारी करने का अधिकार मिल गया है। इसके अलावा प्रत्येक परियोजना के सम्बन्ध में 10 लेखा वर्षों की समाप्ति तक प्रति वर्ष 1,65,000 टन कार्बन आक्साइड के लिए राजस्व भी अर्जित किया जाएगा।

Set Order: 
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