जीविकोपार्जन के उपाय

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अच्छा जीवन व्यतीत करने के लिए भविष्य के प्रति आशावान होना अत्यन्त अनिवार्य है तथा भविष्य के प्रति इस आशा के लिए यह भी आवश्यक होता है कि जीवन की मूल आवश्यकताएं पूरी करने और भविष्य के लिए निवेश हेतु आय निरन्तर होती रहे।

निगमित सामाजिक उत्तरदायित्वों के क्षेत्र में सेल द्वारा किए जा रहे प्रयास लोगों के जीवन को सुखमय बनाने तथा उनके भविष्य को आशावान बनाने पर केन्द्रित हैं। सेल लोगों को बेहतर जीवन व्यतीत करने के लिए कौशल प्रदान करने तथा जीवन-यापन के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दे रहा है। यह ऐसे समुदायों को प्रबल बना रहा है जिनका अपने भविष्य पर पूरा नियंत्रण हो। कंपनी कार्यशालाएं तथा कौशल वृध्दि प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर ऐसे परिवारों का विकास कर रही है तथा उन विभिन्न क्षेत्रों की पहचान के लिए निरन्तर कार्य कर रही है जहां प्रशिक्षण प्रदान कर समुदायों को सहायता प्रदान की जा सके और वे स्वयं अपने पैरों पर खड़े हो सकें।

सेल के कारखानों/यूनिटों के आसपास की जनता को ऐसे कौशल की जानकारी दी जाती है जो उन्हें दो वक्त की रोटी कमाने में मदद दे सकें। इन कार्यक्रमों के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में बचत और ऋण, प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन, ग्रामीण आधारभूत सुविधाओं का विकास, संसाधनो के बेहतर उपयोग से खेती के उत्पादन में वृध्दि तथा सघन बुआई व कौशल विकास तथा सामुदायिक उत्थान को प्रोत्साहन दिया जाता है।

गत तीन वर्षों में सेल ने अपने कारखानों/यूनिटों के आसपास के लगभग 44,000 लोगों को व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया है।

सहायक उद्योगों का विकास

किसी भी संगठन की सफलता के लिए उसके पास अच्छे माल सप्लाई करने वाले होना अनिवार्य है। सहायक उद्योग न केवल अच्छी सामग्री आपूर्तिकर्ता हैं बल्कि वे बाजार परिस्थितियों, कीमतों की प्रवृत्तिायों तथा सामान्य औद्योगिक वातावरण के संबंध में भी विश्वनीय सूचनाएं उपलब्ध कराते हैं।

सेल 1978 के प्रारम्भिक वर्षों से सहायक उद्योगों के विकास में योग देता रहा है। उपलब्ध सूचना के अनुसार सेल ने इस दिशा में प्रयास 31 इकाइयों को सहायक उद्योगों का दर्जा देने के साथ शुरू किया था। कंपनी इस श्रेणी में हर वर्ष औसतन 45 यूनिटें जोड़ रही है और इस प्रकार हर वर्ष लगभग 800 लोगों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध होते हैं। सहायक उद्योगों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से सेल इन उद्योगों को भूमि, पेयजल की सप्लाई तथा अन्य आधारभूत सुविधाएं तथा उद्योग विकास के संबंध में परामर्श उपलब्ध करा रहा है। इसके अतिरिक्त उद्यमियों को सेल की आवश्यकताओं के संबंध में जानकारी देने के लिए न केवल मुद्रित सामग्री बल्कि विशेष प्रदर्शनियां भी लगाई जाती हैं जिससे उद्यमियों को आवश्यक माल के ठीक-ठीक मानक तथा उनके बारे में सूचना मिल सके। इन उद्योगों को निविदाओं के लिए जमा (ईएमडी) तथा सुरक्षा राशि आदि से भी छूट दी जाती है। सेल किराया आधार पर इन उद्योगों को माल उठाने-रखने के लिए उपस्कर, परीक्षण सुविधाएं और माल तैयार करने के लिए कच्चा माल भी उपलब्ध करा रहा है। छत्तीसगढ़ क्षेत्र में सहायक उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए किए जा रहे प्रयासों तथा उनके विकास के लिए भिलाई इस्पात कारखाने को 1997 में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा ''सहायक उद्योग मित्र'' पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।

महिला उत्थान

सेल के कारखानों में आरम्भ से ही महिला समितियां गठित की गई हैं। इन समितियों की सदस्या कर्मचारियों की पत्नियां हैं। प्रबंध निदेशक तथा कार्यपालक निदेशकों की पत्नियां भी महिला समितियों की सदस्य होती हैं। इन महिला समितियों की विभिन्न गतिविधियों में निम्नलिखित शामिल हैं :

  • महिला सशक्तिकरण एवं विकास
  • सामुदायिक कल्याण गतिविधियां
  • प्राकृतिक विपदाओं के दौरान सहायता
  • कारखानों में आम उपयोग के लिए प्रयोग किए जाने वाले सामान का निर्माण
  • आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग आदि की महिलाओं की सहायता
  • महिलाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण
  • जरूरतमंद बालिकाओं को शिक्षा उपलब्ध कराना।

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