सेल का अनुसंधान एवं विकास मास्टर प्लान मंजूर

City Name: 
नई दिल्ली
Release Date: 
Mon, 09/12/2011 - 03:07

सतत विकास के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए, अनुसंधान एवं विकास पर कुल विक्रय का 1% से अधिक निवेश 

नई दिल्ली : महारत्न स्टील अथॉरिटी ऑफ इण्डिया लिमिटेड (सेल) के निदेशक मण्डल ने सतत विकास के लिए उपयुक्त तकनीकी को अर्जित और विकसित करने के लिए "अनुसंधान एवं विकास के मॉस्टर प्लान" को मंजूरी प्रदान की है। अत्यंत नयी तकनीकी को अर्जित करने के उद्देश्य से, इस योजना में विशेष रूप से कोल्ड रोल्ड ग्रेन ओरिएंटेड (सीआरजीओ) इलेक्ट्रिकल स्टील का उत्पादन, वैकल्पिक लौह उत्पादन तकनीकी के विकास, एण्डलेस स्ट्रिप उत्पादन, कॉर्बन डाई ऑक्साइड का रिडक्शन एवं सीक्वेस्ट्रेशन और कॉम्पैक्ट इस्पात संयंत्र का डिज़ाइन कर भूमि के अनुकूलतम उपयोग को लक्षित बनाया गया है। 

इस योजना के अनुसार, सेल निगमित स्तर पर टेक्नोलॉजी मिशनों एवं हाई इम्पैक्ट परियोजनाओं का संचालन करेगा, जिनका लक्ष्य कच्चे माल एवं ऊर्जा खपत में कटौती के साथ- साथ कच्चे माल के उपयोग में अधिक लचिलापन लाने, कॉर्बन डाई ऑक्साइड उत्सर्जन में कटौती करने और अपशिष्ट पदार्थ के उपयोग में सुधार के लिए पहल करना है। इस योजना में निम्न श्रेणी अयस्क के बेनिफेशिएशन एवं पेलेटाइजेशन तथा इस्पात उत्पादन में मिडियम और नॉन कोकिंग कोयले का उपयोग करने का लक्ष्य है। 

इसके अलावा, प्रत्येक इस्पात कारख़ाना स्तर पर उत्कृष्टता केंद्र गठित किए जाएंगे, जो बड़े उपभोक्ताओं एवं टेक्नॉलॉजी आपूर्तिकर्ताओं के साथ सहयोग करते हुए प्रमुख रूप से विभिन्न उत्पाद विकास एवं सुधार पर बल देगें। इस योजना में उत्पाद विकास हेतु बल वाले क्षेत्रों के रूप में इस्पात हेतु ‘अधिक मांग वाले बाज़ारों‘ जैसे सुपर क्रिटिकल थर्मल एवं न्यूक्लीयर विद्युत उत्पादन, रक्षा, पुर्न-उपयोगी ऊर्जा, भूकंप एवं अग्निरोधी गगनचुंबी इमारतों हेतु उच्चशक्ति प्रोफाइल्स इस्पात की पहचान की गयी है। 

सेल के पास निगमित अनुसंधान एवं विकास तंत्र एक प्रमुख संगठन के रूप में होगा, जो केंद्रीय कृत अनुसंधान एवं विकास और कारख़ाना स्तरीय उत्कृष्टता केन्द्रो की निगरानी करेगा, जाहिर है कुल विक्रय का 1% से अधिक अनुसंधान एवं विकास पर खर्च करने से नई रणनीति अनुसंधान एवं विकास को सेल में काफी ऊँचे स्तर पर ले जाएगी। अनुसंधान एवं विकास का प्रमुख सेल अध्यक्ष को रिपोर्ट करेगा। सेल की अनुसंधान एवं विकास पहल को जाने-माने वैज्ञानिकों, प्रौद्योगिकीविदों एवं उद्यमियों से युक्त एक अनुसंधान परमर्शदात्री समिति मार्गदर्शन एवं दिशानिर्देश प्रदान करेगी। 

इस योजना में इस्पात प्रोद्योगिकीविदों के कैडर का गठन करने की योजना है जिसमें सेल के लिए संबन्धित प्रौद्योगिकी क्षेत्रों से विश्वस्तरीय विशेषज्ञ शामिल होगें। दीर्घकालिन दृष्टि से इस्पात उद्योग से संबन्धित इंजीनियरी क्षेत्रों में शिक्षण एवं प्रशिक्षण प्रदान के लिए एक ‘इस्पात प्रौद्योगिकी एवं औद्योगिक प्रबंधन हेतु सेल संस्थान ‘ स्थापित करने की संभावना तलाशने की योजना है। 

इस योजना के भावी परिदृश्य की सराहना करते हुए सेल अध्यक्ष श्री सी. एस. वर्मा ने कहा, "इस्पात क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास का भावी रुझान कच्चे माल की कमी की चुनौतियों को समाप्त करने और सतत इस्पात उत्पादन सुनिश्चित करने की दिशा में होगा। हमारी अनुसंधान एवं विकास रणनीति का प्रमुख बल इन्हीं पर होगा।" 

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