सेल ने वित्तीय समावेशन के लिए स्कॉच पुरस्कार प्राप्त किया

City Name: 
नई दिल्ली
Release Date: 
Thu, 01/05/2012 - 02:52

नई दिल्ली : वित्तीय समावेशन दिवस के अवसर पर स्टील अथॉरिटी ऑफ इण्डिया लिमिटेड (सेल) को समावेशी विकास और गरीबी उन्मूलन के क्षेत्र में अपने बहुआयामी प्रयासों के मान्यता स्वरूप �महिला सशक्तिकरण� वर्ग में वित्तीय समावेशन के लिए स्कॉच पुरस्कार प्रदान किया गया है। आज यहाँ एक भव्य समारोह में प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री और भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर श्री सी. रंगराजन से प्रतिष्ठित पुरस्कार ग्रहण करते हुये सेल अध्यक्ष श्री सी. एस. वर्मा ने कहा,�मुझे बहुत खुशी हो रही है कि सेल द्वारा अपने आस-पास के क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक खुशहाली लाने की भूमिका को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिल रही है।� उच्चस्तरीय निर्णायक मण्डल वाली पुरस्कार समिति में शीर्ष उद्यमी, कार्यक्षेत्र के विशेषज्ञ, अर्थशास्त्री और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल थे।

यह पुरस्कार सेल द्वारा विशेष रूप से किए गए तीन प्रयासों को मान्यता प्रदान करता है, जिनसे स्थानीय स्तर पर असीमित लाभ मिला है, ये हैं � राउरकेला इस्पात संयंत्र में परियोजना किशोरी, भिलाई इस्पात संयंत्र में परियोजना स्वयंसिद्धा और सेलम इस्पात संयंत्र में बहुआयामी गारमेंट तकनीकी प्रशिक्षण।

परियोजना किशोरी सेल के राऊरकेला इस्पात संयंत्र द्वारा मार्च 2010 में, राऊरकेला के आसपास के गाँवों की किशोर लड़कियों और महिलाओं को विज्ञान तथा तकनीकी में सशक्त करने, और सामाजिक परिवर्तन की दिशा में महिलाओं के प्रभाव की क्षमता को बढ़ाने के लिए चालू किया गया था।

भिलाई की परियोजना स्वयंसिद्धा, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के जरिये सुविधाविहीन तबके की महिलाओं में क्षमता निर्माण और वित्तीय साक्षरता पैदा करने के उद्देश्य से जुलाई 2007 में चालू की गई। इस परियोजना का कार्यक्षेत्र जागरूकता पैदा करने, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) का निर्माण करने, कौशल बढ़ाने, सेल के भिलाई इस्पात संयंत्र से आधारभूत संरचना निर्माण के सहयोग के जरिये इकाई स्थापित करने, इकाई के लिए फारवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज समेत धीरे-धीरे परियोजना को स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) को सौपने का है

इन दोनों परियोजनाओं के तहत महिलाओं को विभिन्न व्यवसायों के कौशल जैसे खाद्य निर्माण, मशरूम उत्पादन, खाने में मिलावट की जाँच, वर्मी कोंपोस्टिंग, मिट्टी परीक्षण, भूमि और जल प्रबंधन, कृतिम आभूषण निर्माण, हस्तकला, सिलाई, बॉक्स निर्माण, मोमबत्ती उद्योग, ई-लर्निग, और आधारभूत किशोरवय स्वास्थ्य तथा महिला अधिकार का प्रशिक्षण दिया गया। इसके अलावा सेल के भिलाई इस्पात संयंत्र ने बस्तर क्षेत्र के नक्सल प्रभावित की आदिवासी लड़कियों के लिए पूर्ण रूप से वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने की योजना संचालित की है, जिसमें उन्हें भिलाई के प्रतिष्ठित संस्थान में बीएससी नर्सिंग के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। इस योजना के तहत अब तक 10 लड़कियों को गोद लिया जा चुका है।

सेल के सेलम इस्पात संयंत्र की मार्च 2010 में शुरू की गई बहुआयामी गारमेंट तकनीकी प्रशिक्षण परियोजना महिलाओं को सिलाई में प्रशिक्षण के जरिये सशक्त बनाने का काम कर रही है। पहले चरण में ग्रामीण महिलाओं और लड़कियों को आधारभूत कौशल विकास तथा गारमेंट निर्माण के लिए प्रशिक्षण दिया गया। दूसरे चरण में 105 ग्रामीण महिलाएं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में नामांकित की गई और उन्हें औद्योगिक गारमेंट निर्माण तथा ऊपरी सजावट में प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

निगमित सामाजिक दायित्व के अंतर्गत �लोगो की जिंदगी में खुशहाली लाने का प्रयास� के ध्येय वाक्य की राह पर चलते हुये सेल ने 53 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 7 प्रजजन और बाल स्वास्थ्य केंद्र, 18 अस्पताल और 7 उच्च स्तरीय अस्पताल स्थापईत किया है और इनके जरिये करीब 3 करोड़ लोगों को विशेषीकृत स्वास्थ्य देखभाल मुहैया कराई है। कंपनी ने अपनी इस्पात नगरियों में 139 से अधिक विद्यालय भी खोले हैं, जिसके माध्यम से करीब 63000 बच्चे आधुनिक शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इसके साथ ही आदिवासी बच्चों को गोद लेने और नि:शुल्क शिक्षा और सुविधा देने के अलावा सेल 254 से अधिक विद्यालयों को सहयोग कर रहा है। जबकि झारखंड के गुआ खदान में एक आईटीआई शुरू किया है, और उत्तर प्रदेश के जगदीशपुर में एक आईटीआई स्थापना की प्रक्रिया चल रही है।

सेल ने वित्तीय समावेशन के लिए स्कॉच पुरस्कार प्राप्त किया

सेल अध्यक्ष श्री सी. एस. वर्मा (बाएँ), प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री और भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर श्री सी. रंगराजन से स्कॉच समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री समीर कोचर से प्रतिष्ठित पुरस्कार ग्रहण करते हुये। 

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