सेल घरेलू विकास संभावनाओं का लाभ उठाने को तैयार, नई उत्पाीद श्रृंखला से उम्मी्दे

City Name: 
नई दिल्ली
Release Date: 
Fri, 09/22/2017 - 16:05

प्रेस विज्ञप्ति

  • सेल घरेलू विकास संभावनाओं का लाभ उठाने को तैयार, नई उत्पाीद श्रृंखला से उम्मी्दें
  • कंपनी के प्रदर्शन को बेहतर करने के लिए ग्रामीण बाज़ार, आंतरिक परिवर्तनों पर केंद्रित सेल का अभियान

नई दिल्ली, 22 सितंबर, 2017: आज यहां आयोजित स्टी ल अथॉरिटी ऑफ इण्डिया लिमिटेड (सेल) की 45वीं वार्षिक आम सभा को संबोधित करते हुए सेल अध्यिक्ष श्री पी.के. सिंह ने प्रचालन के हर क्षेत्र में की गई कई प्रबंधन पहलों के चलते इस वित्त वर्ष (वित्त वर्ष 2017-18) में कंपनी के प्रदर्शन में सुधार को लेकर भरोसा जताया। श्री सिंह ने कहा कि, ‘‘भारतीय अर्थव्य वस्थां में विकास के मौजूदा स्तेर को और अगले दशक में देश की अर्थव्य,वस्थाव की संभावित प्रगति पथ को देखते हुए भारत में इस्पा त की मांग में भविष्य में उल्लेतखनीय वृद्धि होगी। नई और बेहतर प्रौद्योगिकियों के इस्तेमाल से सेल, स्‍थापित क्षमताओं के प्रचालन से इस्पात की मांग में वृद्धी, उत्पाअद भिन्नंता और ग्राहक संतुष्टि की संभावनाओं से अधिकतम लाभ का लक्ष्यम रखता है’’। विश्वा इस्पा त संघ ने भी 2017 में भारत के लिए इस्पाधत की खपत में 6.1% की वृद्धि का पूर्वानुमान किया है। अपनी स्थातपना से लेकर अब तक कंपनी ने 475 मिलियन टन (एमटी) कच्चेा इस्पाीत का उत्पा दन किया है और इस्पा त की आवश्यपकता वाली सभी बड़ी राष्ट्री य परियोजनाओं में सहभागिता की है। श्री सिंह ने यह भी कहा कि, ‘‘पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान कंपनी का कारोबार 14% अधिक रहा। ऐसा पांच एकीकृत इस्पाित संयंत्रों में बिक्री योग्य इस्पा त में करीब 8% की बढ़ोतरी और बिक्री योग्‍य इस्पा्त के शुद्ध बिक्री प्राप्ति (एनएसआर) में लगभग 6% वृद्धि के कारण हो सका। एनएसआर में यह वृद्धि आंशिक तौर पर कीमतों के स्त्र में समग्र सुधार आने के कारण और आंशिक रूप से कंपनी की उत्पामद श्रृंखला बढ़ाने के उपायों के कारण आई।

उत्‍पाद मूल्ये संवर्धन के लिए कंपनी द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बारे में बताते हुए श्री सिंह ने कहा कि, ‘‘सेल ने उच्च गुणवत्ताद वाले इस्पा्त जैसे आरएसपी की नई प्लेशट मिल से तेल एवं गैस क्षेत्र के लिए एपीआई X-70, बोकारो इस्पाइत संयंत्र से ऑटोमोटिव क्षेत्र के लिए सेल एचटी-600 और अधिक मज़बूती वाले एलपीजी स्‍टील आदि द्वारा अपनी उत्पा्द श्रृंखला में उल्लेैखनीय मूल्यऔ संवर्धन किया है। गहन अनुसंधान और विकास के माध्यीम से खासकर, आधु‍नि‍कीकरण तथा विस्ता‍रीकरण योजना के तहत चालू की गईं नई और आधुनि‍कतम मिलों से उत्पा्द विकास के सतत प्रयास किए जा रहे हैं। भारतीय इस्पाात उत्पाादकों में अनुसंधान और विकास (आरएण्डसडी) के मामले में अधिकतम व्यपय के साथ आपकी कंपनी इस क्षेत्र में अग्रणी है। उन्हों ने यह भी कहा कि, ‘‘सेल के भिलाई इस्पाकत संयंत्र (बीएसपी) में नई और आधुनि‍कतम यू‍नि‍वर्सल रेल मिल का लोकार्पण इसी वर्ष माननीय इस्पाईत मंत्री द्वारा किया गया था। इस मिल में 130 मीटर लंबाई वाली विश्वर की सबसे लंबी सिंगल पीस वाली रेल का उत्पासदन किया जा रहा है और भारतीय रेलवे को वेल्डे ड 260 मीटर लंबी रेल पैनल की आपूर्ति की जा रही है। वर्ष के दौरान आधुनि‍कीकरण तथा विस्ताररीकरण योजना के तहत पहले से ही प्रचालित नई सुविधाओं से उत्पाणदन बढ़ाया गया। राउरकेला इस्पा त संयंत्र (आरएसपी) में नई ब्लांस्टे फर्नेस ने अपनी क्षमता का करीब शत-प्रतिशत प्राप्ते किया जबकि अन्यआ सुविधाओं जैसे कि न्यूफ प्लेीट मिल ने भी अपनी स्‍थापित क्षमता के आसपास उत्‍पादन किया और यह शत-प्रतिशत क्षमता उपयोग करने के बहुत करीब है’’। उन्होंाने यह भी कहा कि भारतीय और वैश्विक इस्पाशत उद्योगों की आवश्याकताओं को पूरा करने के लिए इस्‍को स्टी्ल प्लांाट की वायर रॉड मिल शीघ्र स्‍पेशल ग्रेड्स के विश्वसस्तेरीय वायर रॉड्स का उत्पाहदन करेगी। वे इस्पा्त उद्योग के वैश्विक ट्रेंड्स के प्रति भी आश्वूस्तस दिखाई दिए और उन्होंहने कहा कि, ‘‘विश्वग आर्थिक सुधार पटरी पर हैं और वैश्विक विकास का गति पकड़ना विश्वहभर में औद्योगिक और विनिर्माण कार्यकलापों के लिए स्वटस्थर संकेत है।“ इस बीच, ऐसा माना जा रहा है कि इंग्लैलण्डस और फ्रांस को पीछे छोड़कर 2017 में भारत विश्व़ की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यनवस्था बन जाएगी और 2023 तक जापान और जर्मनी को पीछे छोड़कर विश्‍व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यकवस्थाी बन जाएगी। यह भी माना जा रहा है कि भारत का सकल घरेलू उत्पा्द 2016 में 2.2 ट्रिलियन यूएस डॉलर से बढ़कर 2020 तक 3.6 ट्रिलियन यूएस डॉलर हो जाएगा। यह घरेलू वृद्धि पर केंद्रित व्यकवसायों के लिए भविष्य. में शुभ संकेत है’’। उन्होंधने यह भी कहा कि इस प्रकार की वृद्धि से देश में इस्पायत की मांग और खपत में नि‍श्चित रूप से तेज़ी आएगी।

अपने प्रचालनों में बदलाव लाने संबंधी कंपनी की नई पहल के बारे में बताते हुए श्री सिंह ने कहा कि, ‘’सेल के अभियान जैसे ग्रामीण भारत में सेल इस्पा्त की खपत बढ़ाने के लिए चलाए जा रहे अभियान सेल स्टील – गाँवों की ओर, सेल के समग्र प्रदर्शन को बेहतर बनाने वाला सेल उदय, संगठन के अंदर परस्पार क्रियाकलाप को बेहतर बनाने हेतु हर संयंत्र में सेल प्रबंधन द्वारा बड़े समूहों में विचार-विनिमय, अधिक लोगों को कंपनी से जोड़ने के लिए सोशल मीडिया का उपयोग आदि मिलकर कंपनी के बेहतर, ठोस और सशक्त प्रदर्शन में मददगार साबित होंगे। ऐसे समय में जबकि सरकारी समर्थन वाली नीतियों और विकास लक्ष्यों के बल पर घरेलू इस्पा त मांग में सुधार आ रहा है, सेल भी स्व यं को बाज़ार की संपूर्ण आवश्योकताओं को पूरा करने और बा़ज़ार में अपना हिस्साह बढ़ाने को लेकर तेज़ी से तैयारी कर रहा है।

Select List Order: 
1
Go to Top
Copyright © 2012 SAIL, all rights reserved
Designed & Developed by Cyfuture