सेल ने वित्त वर्ष 2017-18 की दूसरी तिमाही के दौरान, पिछले वर्ष की इसी अवधि के मुक़ाबले शुद्ध विक्रय आय में 21% की वृद्धि दर्ज की

City Name: 
New Delhi
Release Date: 
Thu, 11/09/2017 - 08:36

 

 

  • ·        सेल ने वित्त वर्ष 2017-18 की दूसरी तिमाही के दौरान, पिछले वर्ष की इसी अवधि के मुक़ाबले शुद्ध विक्रय आय में 21% की वृद्धि दर्ज की
  • ·        सेल की वर्ष 2017-18  की दूसरी तिमाही में EBITDA, पिछले पूरे वित्त वर्ष की सकल EBITDA से अधिक रही
  • ·         प्रोडक्ट मिक्स में बढ़ोत्तरी से बेहतर आय में मदद मिली

 

 

 

नई दिल्ली, 09 नवंबर, 2017:स्टील अथॉरिटी ऑफ इण्डिया लिमिटेड (सेल) ने वित्त वर्ष 2017-18 की दूसरी तिमाही (जुलाई से सितंबर, 2017) के दौरान शुद्ध विक्रय आय में 21% की वृद्धि दर्ज की है। वित्त वर्ष 2017-18 की दूसरी तिमाही में शुद्ध विक्रय आय 13,442 करोड़ रुपया दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान 11,080 करोड़ रुपया था। सेल का ज़ोर अपनी उत्पाद सूची में उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों का हिस्सा बढ़ाने पर है, जिसका सकारात्मक असर आय अर्जन के रूप में सामने आना शुरू चुका है। सेल ने उच्च गुणवत्ता के उत्पादों जैसे कोल्ड रोल्ड एवं गेलवेनाइज्ड उत्पादों के विक्रय में 21% बढ़ोत्तरी के साथ, वित्त वर्ष 2017-18 की पहली छ्माही (अप्रैल से सितंबर, 2017) के दौरान घरेलू विक्रय में 4% की वृद्धि दर्ज की है। इसी के साथ कंपनी ने वित्त वर्ष 2017-18 की पहली छमाही में रेलवे उत्पादों के भी विक्रय में 30% की मात्रात्मक बढ़त हासिल की है।

पिछले छह तिमाहियों से लगातार सकारात्मक EBITDA यानि ब्याज, कर, मूल्य-ह्रास और ऋणमुक्ति पूर्व आय” (बिना किसी विशेष खर्च को शामिल किए) दर्ज करते हुए, सेल ने वित्त वर्ष 2017-18 की पहली छ्माही में 967 करोड़ रुपये की उच्चतम EBITDA हासिल की है और पिछले वर्ष की इसी अवधि के रुपया 192 करोड़ के EBITDA के मुक़ाबले 400% से अधिक की वृद्धि दर्ज की है। इसी के साथ वित्त वर्ष 2017-18 की दूसरी तिमाही में पूर्व मूल्य-ह्रास और विशिष्ट आइटम से 323 करोड़ रुपया का नगद लाभ प्राप्त किया है। उल्लेखनीय है कि वित्त वर्ष 2017-18 की दूसरी तिमाही में EBITDA, पिछले वित्त वर्ष 2016-17 की सकल EBITDA से अधिक है। वित्त वर्ष 2017-18 की दूसरी तिमाही में कंपनी की EBITDA, सकल विक्रय आय की 7.1% रही, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में 1.7% थी। यह सेल की पूरी उत्पादन प्रक्रिया और वैल्यू चेन की उच्च क्षमता को प्रदर्शित करता है। इस दिशा में नई मिलों के उत्पादों की स्पेसिफिक ब्रांडिंग भी एक महत्वपूर्ण कदम है।

कंपनी ने वित्त वर्ष 2017-18 की दूसरी तिमाही में अपने कर पश्चात लाभ में 26% का सुधार दर्ज करते हुए, अपने घाटे को कम किया है। पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान कर पश्चात लाभ (-) 732 करोड़ रुपया था, जो अब घटकर (-) 539 करोड़ रुपया रह गया है। वित्त वर्ष 2017-18 की दूसरी तिमाही में विक्रय आय में हुई बढ़ोत्तरी के बावजूद आयातित कोयले के मूल्य में भारी वृद्धि के चलते आंशिक रूप से कुल वृद्धि प्रभावित हुई है। बढ़ते हुए लागत को अप्रभावी करने की ओर कदम उठाते हुए, कंपनी लगातार अपनी नई सुविधाओं से उत्पादन शुरू कर रही है। साथ ही, अपनी आय बढ़ाने के लिए उच्च गुणवत्ता के उत्पादों का और अधिक उत्पादन करने की दिशा में काम कर रही है और इसके लिए अपनी तैयार सुविधाओं का अनुकूलतम उपयोग सुनिश्चित कर रही है।

 

सेल का प्रचालन निष्पादन भी वित्त वर्ष 2017-18 की दूसरी तिमाही में अच्छा रहा है। इस दौरान कंपनी ने अब तक की किसी भी तिमाही में सर्वाधिक विक्रेय इस्पात का उत्पादन किया है, जो 3.659 मिलियन टन रहा। यह उत्पादन वित्त वर्ष 2016-17 की चौथी तिमाही के विक्रेय इस्पात उत्पादन 3.626 मिलियन टन से भी अधिक रहा। इसके साथ ही इसी वित्त वर्ष की पिछले तिमाही से 14% और पिछले वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले 5% अधिक रहा। कंपनी ने पिछले वर्ष की इसी अवधि के मुक़ाबले 5% सुधार करते हुए अब तक का सर्वश्रेष्ठ कोक रेट 459 किलोग्राम/टीएचएम दर्ज किया है। इसी के साथ पिछले वर्ष की इसी अवधि के मुक़ाबले कोल्ड डस्ट इंजेक्शन 33% बेहतर हुआ है और ब्लास्ट फर्नेस उत्पादकता में 4% की बढ़ोत्तरी हुई है।

और अधिक वैल्यू एडेड एवं विविधतापूर्ण उत्पादों को शामिल करने के जरिये प्रोडक्ट मिक्स को और समृद्ध बनाने की ज़रूरत पर बल देते हुए, सेल अध्यक्ष श्री पी के सिंह ने कहा, “सम्पत्तियों की प्रचालन लागत को कम करने, विवेकपूर्ण वित्तीय प्रबंधन, कुशल उत्पादन प्रक्रिया और वैल्यू एडेड एवं ब्रांडेड उत्पादों के बढ़े दायरे पर तवज्जो देने का असर वित्तीय परिणामों के रूप में सामने दिखने लगा है। हमारे आधुनिकीकृत मिलों में बन रहे उत्पाद, विभिन्न राष्ट्रीय बुनियादी परियोजनाओं में इस्तेमाल हो रहे इस्पात के एक बड़े हिस्से पर अपनी दावेदारी बनाए रखेंगे। सेल ने सागरमाला समेत आगामी भारतमाला और रेलवे विस्तार जैसी प्रतिष्ठित परियोजनाओं के लिए भारी मात्रा में इस्पात आपूर्ति की तैयारी कर रहा है। सेल अध्यक्ष ने आगे कहा कि, "सेल के टर्नअराउंड पहल के तहत कंपनी की सभी इकाइयों में जारी हमारा विस्तृत सामूहिक संवाद कार्यक्रम, हमारी प्राथमिकताओं को कंपनी की सामूहिक सोच के साथ जोड़ने में मदद करेगा, जिससे सेल का लाभप्रद वृद्धि की ओर आगे बढ़ना जारी रहेगा।

 

 

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