बोकारो इस्पात कारखाना - नियमावली

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धारा 4 की उपधारा 1 के खण्ड (ख) में उल्लिखित 17 मदें (मेनुअल), जो अधिनियम के कानून बनने के 120 दिन के भीतर प्रत्येक सार्वजनिक संस्था को प्रकाशित करना जरूरी है।

  1. बोकारो इस्पात कारखाने के संगठन,कार्य और कर्तव्यों का विवरण।
  2. अधिकारियों व कर्मचारियों के अधिकार एवं कर्तव्य।
  3. सुपरविजन व उत्तरदायित्व सहित निर्णय की प्रक्रिया के लिए कार्रवाई।
  4. कार्यों के लिए बोकारो इस्पात कारखाने द्वारा नियत मानक।
  5. सेल द्वारा अपने नियंत्रण में रखे गए नियम , विनियम ,निर्देश ,मेनुअल और रिकार्ड जो कर्मचारी अपने कर्तव्य निर्वाहन में प्रयोग करते हैं।
  6. बोकारो इस्पात कारखाने के नियंत्रण मे दस्तावेजों की श्रेणी संबंधी वक्तव्य।.
  7. जनता से विचार-विमर्श से नीति निर्धारण व उनके कार्यान्वयन के संबंध में व्यवस्था का विवरण।
  8. दो अथवा दो से अधिक व्यक्तियों की ऐसी संस्थाएं, मण्डल, परिषदें, समितियां जो इसे परामर्श देने के लिए गठित की गई हों और क्या इन मण्डलों, परिषदों, समितियों तथा अन्य संस्थाओं में जनता भाग ले सकती है या इनकी बैठकों के संक्षिप्त कार्रवाई विवरण जनता को उपलब्ध हैं ?
  9. बोकारो इस्पात कारखाने के अधिकारियों तथा कर्मचारियों की डायरेक्टरी। 
  10. प्रत्येक अधिकारी तथा कर्मचारी द्वारा प्राप्त मासिक पारिश्रमिक, कम्पनी के नियमों के अन्तर्गत मुआवजे की प्रणाली।
  11. प्रत्येक एजेन्सी को आबंटित बजट, जिसमें सभी योजनाओं का विवरण, प्रस्तावित व्यय तथा किए गए भुगतान का विवरण हो।
  12. सहायता कार्यक्रमों के कार्यान्वयन का तरीका, आबंटित राशि तथा ऐसे कार्यक्रमों से लाभान्वित व्यक्तियों का विवरण।
  13. बोकारो इस्पात कारखाने द्वारा दिए गए/दी गई रियायतें, परमिट, अधिकार का विवरण। 
  14. इलेक्ट्रोनिक स्वरूप में इसके पास उपलब्ध सूचना का विवरण।  इलेक्ट्रोनिक स्वरूप में उपलब्ध सूचना के लिए कृपया वेबसाइट www.sail.co.in देखें।
  15. सूचना प्राप्त करने हेतु जनता के लिए उपलब्ध सुविधाओं का विवरण जिसमें लाइब्रेरी या अध्ययन कक्ष के कार्य घण्टे बताए गए हों (यदि व्यवस्था है तो)।
    कम्पनी के निगमित कार्यालय में इस प्रकार की कोई सुविधा नहीं है। परन्तु, निगमित कार्य प्रमुख की पूर्व अनुमति से निचले तल पर स्थित लाइब्रेरी के प्रयोग की इजाजत दी जा सकती है।
  16. जन सूचना अधिकारियों के नाम, पद व उनके बारे में अन्य विवरण।
  17. 17) निर्धारित अन्य कोई सूचना तथा प्रति वर्ष इनका नवीनीकरण।

बोकारो इस्पात कारखाने के संगठन, कार्य तथा कर्तव्यों का विवरण

बोकारो - एक नज़र

सार्वजनिक क्षेत्र में चैथे एकीकृत कारखाने की कल्पना 1959 में की गई थी। दरअसल, बोकारो इस्पात कारखाने से संबंधित प्रस्ताव सोवियत संघ के सहयोग से 1965 में सामने आया। कारखाने की स्थापना संबंधी समझौते पर 25 जनवरी, 1965 को हस्ताक्षर किए गए। डिजाइन के अनुसार कारखाने के प्रथम चरण में उत्पादन क्षमता 17 लाख टन और दूसरे चरण में 40 लाख टन निश्चित की गई। साथ ही कारखाने के और विस्तार की व्यवस्था भी की गई थी। निर्माण कार्य 6 अपै्रल, 1968 को प्रारम्भ हुआ।

वस्तुतः बोकारो इस्पात कारखाने का निगमन 29 जनवरी, 1969 को एक लिमिटेड कम्पनी के तौर पर हुआ था। 24 जनवरी, 1973 को स्टील अथाॅरिटी आॅफ इण्डिया लिमिटेड (सेल) बनने पर यह सेल के पूर्ण स्वामित्व वाली कम्पनी बन गई और अन्ततः 1 मई, 1978 को सार्वजनिक क्षेत्र लौह एवं इस्पात कम्पनियां (पुनर्गठन व विविध प्रावधान) अधिनियम, 1978 के अन्तर्गत इसका सेल में विलय हो गया।

उपस्करो, साज-सामान व तकनीकी जानकारी को देखते हुए यह कारखाना देश का पहला स्वदेशी इस्पात कारखाना कहा जाता है। 17 लाख टन पिण्ड इस्पात का प्रथम चरण 2 अक्टूबर, 1972 को पहली धमन भट्टी चालू होने के साथ शुरू हुआ और 26 फरवरी, 1978 को तीसरी धमन भट्टी चालू होने पर पूरा हुआ। 40 लाख टन क्षमता की सभी यूनिटें चालू हो चुकी हैं। इस कारखाने में सपाट उत्पाद, जैसे हाॅट रोल्ड काॅयल, हाॅट रोल्ड प्लेट, हाॅट रोल्ड शीट, कोल्ड रोल्ड काॅयल, कोल्ड रोल्ड शीट, टिन मिल ब्लैक प्लेट (टीएमबीपी) और जस्ता चढ़ी सादी व घुमावदार (जीपी/जीसी) शीट तैयार करने की क्षमता है। बोकारो ने अनेक प्रकार के आधुनिक इंजीनियरी उद्योगों के लिए, जिनमें मोटर-गाड़ी, पाइप व ट्यूब, एलपीजी सिलेण्डर, बैरल व ड्रम तैयार करने वाले उद्योग शामिल हैं, कच्चा माल उपलब्ध कराकर मजबूत आधार प्रदान किया है।

उपस्करो, साज-सामान व तकनीकी जानकारी को देखते हुए यह कारखाना देश का पहला स्वदेशी इस्पात कारखाना कहा जाता है। 17 लाख टन पिण्ड इस्पात का प्रथम चरण 2 अक्टूबर, 1972 को पहली धमन भट्टी चालू होने के साथ शुरू हुआ और 26 फरवरी, इस्पात उत्पादन की आधुनिकतम प्रवृत्तियों के अनुरूप कारखाने को ढालने के उद्देश्य से आधुनिकीकरण के प्रथम चरण को 23 जुलाई, 1993 को स्वीकृति प्रदान की गई। एसएमएस-प्प् में उपलब्ध कराई गईं सुविधाओं में कंटीनुअस कास्टिंग मशीनें तथा स्टील रिफाइनिंग यूनिट शामिल हैं। हाॅट स्ट्रिप मिल के आधुनिकीकरण के अन्तर्गत उच्च दबाव वाले डी-स्केलरों, वर्क रोल बैडिंग, हाइड्राॅलिक आॅटोमेटिक गेज कन्ट्रोल, रोल जल्दी बदलने वाली व्यवस्था, लैमिनर कूलिंग की व्यवस्था है। अपेक्षाकृत कम कुशल पुशर प्रकार की भट्टियों के स्थान पर नई वाॅकिंग बीम री-हीटिंग भट्टियां लगाई जा रही हैं। एक नया हाइड्राॅलिक बाॅयलर भी लगाया गया है तथा 2 वर्तमान बाॅयलरों का नवीकरण किया गया है। हाॅट स्ट्रिप मिल का आधुनिकीकरण पूरा होने के बाद बोकारो उच्च क्वालिटी के हाॅट रोल्ड उत्पाद तैयार कर रहा है तथा इनकी विश्व बाजार में काफी मांग है। आधुनिकीकरण के बाद कारखाने की क्षमता 45 लाख टन तरल इस्पात की हो गई है।

बस्ती :

बोकारो इस्पात नगरी दामोदर नदी के दक्षिणी किनारे के मनोहारी स्थल पर बसी है। दामोदर की एक सहायक नदी गारगा शहर के दक्षिणी व पूर्वी क्षेत्र से अठखेलियां करती है। उत्तर में पारसनाथ पहाड़ियां और दक्षिण में गारगा से जरा हटकर सातनपुर पहाड़ियां हैं। शहर में जगह-जगह छोटा नागपुर के नदी-नाले व घाटियां फैली हैं। बोकारो के अस्तित्व में आने के दो दशक के भीतर ही यह 8 लाख लोगों की क्षेत्रीय नगरी के तौर पर उभरा है। यहाँ देश भर से आए लोग रहते हैं तथा गौमोह-चन्द्रपुरा-भुरि रेल लाइन पर बसा यह एक छोटा भारत है। चार महानगरांे के लिए यहाँ से रेल सेवाएं उपलब्ध हैं। यह झारखण्ड के अन्य 3 प्रमुख नगरों, रांची, जमशेदपुर और धनबाद के त्रिकोण के बीच स्थित है तथा ये तीनों शहर सड़क व रेल मार्ग से पूरी तरह से जुड़े हैं।

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अधिकारियों तथा कर्मचारी के अधिकार एवं कर्तव्य

स्टील अथाॅरिटी आॅफ इण्डिया लिमिटेड बोकारो स्टील प्लांट बोकारो स्टील सिटी कार्यालय आदेश संख्या 178(बी)/डीओपी                                                                                                                                             दिनांक : 28-04-2005
संदर्भ संख्या: एस-26(1)2003-1798
विषय: प्रबंध निदेशक को सीधे रिपोट करने वाले अधिकारियों के अधिकार
( संदर्भ 119@ डीओपी दिनांक 2-3-1991] 137@ डीओपी दिनांक 25-5-1995] 159@ डीओपी दिनांक 3-1-2001] 162@ डीओपी दिनांक 12-5-2001 और 175@ डीओपी दिनांक 31-5-2004)
1. सेल निदेशक मण्डल द्वारा सौंपे गए अधिकारों का अनुसरण करते हुए निदेशक मण्डल ने सीधे रिपोर्ट करने वाले अधिकारियों को प्रशासनिक व वित्तीय अधिकार प्रदान किए हैं जो अनुलग्नक में बताए जा रहे हैं।
2. इन अधिकारों का प्रयोग बजट प्रावधान, समय-समय पर संशोधित कम्पनी अधिनियम, 1956 के प्रावधानों, कम्पनी के मेमोरेण्डम एवं आर्टिकल्स आॅफ ऐसोसिएशन, वित्तीय विवेक, लागू नियमों और समय-समय पर जारी सामान्य नीति के अनुसार किया जाए।
3. जहाँ भी वित्तीय वायदों का प्रश्न हो सभी मामलों में बजट प्रावधान सुनिश्चित किए जाएं परन्तु जहाँ यह करना सम्भव न हो अथवा स्वीकृति बजट प्रावधान के बिना दी जाती है, यह सुनिश्चित किया जाए कि संशोधित बजट में उसे शामिल किया जाए।
4. सीधे रिपोर्ट करने वाले अधिकारी वित्त विभाग की सहमति से अपने अधिकार अपने अधीनस्थ अधिकारियांे को उन परिस्थितियों में दे सकते हैं (उन मामलो को छोड़ जहाँ इनका हस्तांतरण करना मना है) जहाँ उनकी कार्य जिम्मेवारियों के लिए यह आवश्यक माना जाए।
5. वे अधिकारी जिन्हें सीधे रिपोर्ट करने वाले अधिकारियों (डीआरओ) से अधिकार मिले हैं, इन अधिकारों का प्रयोग करते समय वे सभी सावधानियां बरतंेगे जो कोई आम आदमी अपना पैसा खर्च करते समय बरतता है।
6. उक्त अधिकारी जहाँ आवश्यक समझे किसी ठेके, खरीद आदि को अन्तिम रूप देने से पूर्व विधि विभाग से परामर्श करेंगे।
7. यह आदेश प्रबन्ध निदेशक द्वारा सीधे उन्हें रिपोर्ट करने वाले अधिकारियों को अधिकार देने से सम्बन्धित सभी पूर्व आदेशों का स्थान लेगा।
8. यह प्रत्यायोजित प्राधिकार समय-समय पर किए गए संशोधनों सहित पीपी-2000 के अनुरूप लागू होंगे।
  वित्त विभाग की सहमति से जारी किया गया।

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सुपरविजन व उत्तरदायित्व सहित निर्णय की प्रक्रिया के लिए कार्रवाई ठेका देने की शर्तें

स्टील अथाॅरिटी आॅफ इण्डिया लिमिटेड को सप्लाई ठेके
ठेके की सामान्य शर्तें

टिप्पणी : 

कारखानों/यूनिटों द्वारा जारी ठेके (ठेकों) के लिए अन्य विशेष शर्तें, यदि बताई गई हैं और वे ठेके की सामान्य शर्तों अर्थात् सेल पी-1 से भिन्न हैं, तो वे सामान्य शर्तों का स्थान लेंगी।

  1. परिभाषाएं :
    1. ‘ठेक’ शब्द से तात्पर्य निविदा आमंत्रण, निविदाकर्ताओं को निर्देश, निविदा की स्वीकृति से है तथा सामान्य तथा विशेष शर्तें इसके पश्चात् इनमें जोड़ी जाएंगी।
    2. ‘ठेकेदार’ शब्द से तात्पर्य उस व्यक्ति, फर्म या कम्पनी से है जिसे आॅर्डर दिया गया है तथा इसमें ठेकेदार का वारिस (खरीदार द्वारा स्वीकृत प्रतिनिधि, वारिस, कारक और प्रशासक शामिल हैं जब तक कि उन्हें ठेके के अन्तर्गत अलग न रखा जाए) शामिल होगा।
    3. ‘कम्पनी’ शब्द से तात्पर्य स्टील अथाॅरिटी आॅफ इण्डिया लिमिटेड से है।
    4. ‘खरीदार’ शब्द से तात्पर्य स्टील अथाॅरिटी आॅफ इण्डिया लिमिटेड से है।
    5. ‘इन्सपेक्टर’ से तात्पर्य किसी भी ऐसे व्यक्ति से है जिसे भण्डारों में सप्लाई का निरीक्षण करने के लिए अथवा ठेके के अन्तर्गत कार्य करने या अधिकृत एजेन्ट होने के नाते खरीदार ने नामांकित किया हो या उसकी ओर से नामांकित किया गया हो।
    6. ‘प्रगति अधिकारी’ से तात्पर्य ऐसे किसी व्यक्ति से है जिसे ठेकेदार की कर्मशाला में खरीदे गए माल की स्थिति देखने के लिए जाने की अनुमति खरीदार द्वारा दी गई हो या जिसे खरीदार ने इस कार्य के लिए नामांकित किया हो।
    7. ‘विवरण’ शब्द के अन्तर्गत निम्न आएंगे::
    1. मानक
    2. ड्राइंग
    3. इन्सपेक्टर द्वारा हस्ताक्षर कर पैटर्न को सील करना।

दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने वाले व्यक्ति के अधिकार:

यदि कोई अन्य व्यक्ति ठेके के भाग से सम्बन्धित किसी दस्तावेज या निविदा फार्म पर हस्ताक्षर करता है तो यह माना जाएगा कि उसे वे अधिकार प्राप्त हैं जो ठेके पर हस्ताक्षर करने के लिए जरूरी हैं। परन्तु यदि जांच में यह पाया गया कि उस व्यक्ति को हस्ताक्षर करने का अधिकार था ही नहीं, तो खरीदार सिविल या क्रिमिनल कार्रवाई का अधिकार सुरक्षित रखते हुए ठेका निरस्त कर सकता है और हस्ताक्षर करने वाले व्यक्ति से सभी लागत व क्षति की मांग कर सकता है।

ठेके पर कार्रवाई करने का उत्तरदायित्व:

सामान्य - ठेकेदार ठेके को सभी दृष्टि से तथा स्वीकृति में बताई गई सभी शर्तों के अनुसार ठेका तथा उसकी अनुसूची में बताई गई शर्तों को पूरा करने के लिए पूरी तरह से जिम्मेवार होगा। इंसपेक्टर ने यदि भण्डारों, सामान या अन्य विवरण सम्बन्धी कोई स्वीकृति प्रदान की है या कार्य की क्वालिटी के बारे में कुछ कहा है (चाहे वह ठेकेदार अथवा इंसपेक्टर के द्वारा परीक्षण से पहले या बाद में हो) तो वे खरीदार के लिए बाध्य नहीं होंगे तथा इंसपेक्टर द्वारा स्वीकृति के बावजूद माल प्राप्तकर्ता गंतव्य स्थान पर पहुंचने पर भण्डारों को अस्वीकार कर सकता है। शर्त यह है कि खरीदार यह पाए कि भण्डार ठेके की शर्तों के पूर्णतः अनुरूप नहीं है। 

उप ठेके देना - ठेकेदार अपना ठेका खरीदार की लिखित अनुमति के बिना किसी को आगे उप ठेके के रूप में नहीं देगा। यदि ठेकेदार इस शर्त का उल्लंघन करता है तो खरीदार को यह अधिकार होगा कि वह ठेकेदार के जोखिम पर वह ठेका कहीं और दे सके तथा ठेकेदार को इस परिस्थिति मे हुई हानि/क्षति के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा। क्षति अथवा हानि का आंकलन खरीदार स्वयं करेगा।

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कार्यों के लिए बोकारो इस्पात कारखाने द्वारा नियत मानक

वार्षिक उत्पादन योजना 2005-06

एपीपी/बोकारो इस्पात कारखाना
उत्पादन योजना 2005-2006 - लौह एवं इस्पात
इकाई '000 टनों में
भट्टी       तप्त धातु  
अवधि पुशिंग बीएफ स्किप पिग कच्चा कास्ट इंगट
(सं./दिन) कोक सिन्टर कुल एसएमएस आईएमएफ पीसीएम लोहा इस्पात स्लैब इस्पात
अपै्रल '05 493 207 458 380 357 7 16 15 346 234 112
मई 493 214 470 390 366 8 16 15 355 242 113
जून 493 207 458 380 359 7 14 13 348 234 114
प्रथम तिमाही 493 628 1386 1150 1082 22 46 43 1049 710 339
जुलाई 493 214 410 340 320 7 13 12 311 242 69
अगस्त 493 214 410 340 319 7 14 13 309 242 67
सितम्बर 468 196 458 380 357 7 16 15 347 234 113
दूसरी तिमाही 485 624 1278 1060 996 21 43 40 967 718 249
अक्टूबर 468 203 493 409 385 8 16 15 374 242 132
नवम्बर 468 196 477 396 373 7 16 15 362 234 128
दिसम्बर 468 203 493 410 385 8 17 15 375 242 133
तीसरी तिमाही 468 602 1463 1215 1143 23 49 45 1111 718 393
जन.'06 492 214 512 425 402 7 16 15 390 242 148
फरवरी 492 191 452 375 353 7 15 14 343 220 123
मार्च 492 214 512 425 402 7 16 15 390 242 148
चैथी तिमाही 492 619 1476 1225 1157 21 47 44 1123 704 419
कुल
2005-06 484 2473 5603 4650 4378 87 185 172 4250 2850 1400

टिप्पणी: मासिक योजना तथा तिमाही योजना पूँजीगत मरम्मत समय.सारणी में परिवर्तन के अनुरूप बदल सकते हैं।

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बोकारो द्वारा अपने नियंत्रण में रखे गए नियम, विनियम, निर्देश, मेनुअल और रिकार्ड जो कर्मचारी अपने कर्तव्य निर्वाहन में प्रयोग करते हैं

विषय-सूची :

  •   क्वालिटी मेनुअल
  •   निरीक्षण मेनुअल
  •   पर्यावरण मेनुअल
  •   व्यावसायिक स्वास्थ्य तथा सुरक्षा मेनुअल
  •   विभागीय प्रशिक्षण मेनुअल
  •   कार्मिक मेनुअल (2 खण्ड)

गुणवत्ता नीति

हम निरन्तर अपने उत्पादों की गुणवत्ता, अपनी परिसम्पत्तियों के अधिकतम उपयोग से लागत तथा उत्पादों की डिलीवरी द्वारा उपभोक्ताओं की आवश्यकताओं की सन्तुष्टि से बाजार में अग्रणी स्थान प्राप्त करने के लिए प्रयास करेंगे।

ध्येय :

  • हमारे कर्मी हमारे सर्वोत्तम संसाधन हैं और उनका विकास हमारा व्यावसाय।
  • हमारी प्रत्येक गतिविधि का केन्द्र उपभोक्ता हैं, उनकी सन्तुष्टि हमारा नारा है।
  • हम जो कुछ भी करते हैं उसकी गुणवत्ता हमारे लिए सर्वोपरि है। जब हम गुणवत्ता की बात करते हैं तो उसमें उत्पादकता और अपनी परिसम्पत्तियों का उपयोग बढ़ाने के लिए लागत प्रभाविता शामिल रहती है।
  • हम अपने उत्पादों के निर्यात से विश्व बाजार में एक प्रभावी भूमिका निभाना चाहते हैं।
  • अपने कर्मियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए और पर्यावरण समर्थक परिचालन तथा प्रणालियां अपनाना चाहते हैं।
  • हम चाहते हैं कि हम मूल्य संवर्धक तथा विशेष गुणवत्ता वाले इस्पात का उत्पादन बढ़ाएं।

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बोकारो इस्पात कारखाने के नियंत्रण मे दस्तावेजों की श्रेणी संबंधी वक्तव्य

  •  सेल निगमित तथा मिश्र इस्पात कारखाने के बीच समझौता ज्ञापन। 
  • मिश्र इस्पात कारखाने की गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली।
  • प्रक्रिया मेनुअल आईएसओ-9001% ¼2000½ मिश्र इस्पात कारखाने का प्रमाण-पत्र।
  • सेल का मिश्र इस्पात कारखाने सम्बन्धी वार्षिक प्रतिवेदन।

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जनता से विचार-विमर्श से नीति निर्धारण व उनके कार्यान्वयन के संबंध में व्यवस्था का विवरण

इसके नियंत्रण में महत्वपर्ण दस्तावेज निम्नलिखित हैं :

  1. वित्त एवं लेखे
  2. कार्मिक
  3. उत्पादन तथा प्रेषण
  4. सुरक्षा तथा पर्यावरण
  5. भूमि तथा परिसम्पत्ति
  6. फैक्टरी अधिनियम के अनुसार आवश्यक सूचना
  7. प्रतिष्ठान सम्बन्धी विवरण
  8. कच्चा माल सहित माल प्रबन्धन

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दो अथवा दो से अधिक व्यक्तियों की ऐसी संस्थाएं, मण्डल, परिषदें, समितियां जो इसे परामर्श देने के लिए गठित की गई हों और क्या इन मण्डलों, परिषदों, समितियों तथा अन्य संस्थाओं में जनता भाग ले सकती है या इनकी बैठकों के संक्षिप्त कार्रवाई विवरण जनता को उपलब्ध हैं

समितियों की सूची :

सूचना अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 4.1.(बी).viii के अनुसार

  1. नगर विकास और आबंटन समिति
  2. नगर परामर्शदात्री समिति
  3. गुणवत्ता जांच रखरखाव समिति
  4. पट्टे पर क्वार्टर में अनधिकृत निर्माण की जांच संबंधी समिति
  5. वास्तविक परिसम्पत्ति निपटान समिति
  6. सेक्टरवार नगर रखरखाव तथा विकास समिति
  7. क्वार्टरों में बदली से संबंधित बदली समिति
  8. प्लाॅटों के मूल्यांकन में अन्तर पर समिति
  9. स्थायी निविदा समिति (2 लाख से के प्रस्तावों के लिए)
  10. निविदा समितियां
  11. जांच समितियां
    • निविदा प्रस्तावों के लिए
      1. नगर प्रशासन विभाग
      2. वक्र्स-मैकेनिकल
      3. वक्र्स-इलेक्ट्रिकल
      4. वक्र्स-परिचालन (सिविल कार्यों सहित)
  12. माल खरीद संबंधी प्रस्तावों के लिए
    1. इलेक्ट्रिकल
    2. मेकेनिकल
    3. ताप सह ईंटों और कच्चा माल मदों के लिए
    4. कम्प्यूटर/सहायक उपस्करों तथा गैर-योजना पूँजी व्यय के लिए
    5. चिकनाई वाले पदार्थों/कन्वेयर बेल्ट, रोल/रोल चोक/रोल बियरिंग सहित गैर एपी उपभोक्ता मदों के लिए
    6. कार्मिक एवं प्रशासन डिवीजन
    7. विमानन
    8. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं
  13. सामग्री प्रबन्धन से सम्बद्ध अन्य समितियां हैं:
    1. वेण्डर पंजीकरण समिति
    2. सामग्री समीक्षा बोर्ड
    3. क्वालिटी शिकायतों के निपटान सम्बन्धी समिति
  14. बेकार पड़ी सम्पत्तियों और नगरी के भण्डारों के बेकार सामान के लिए आरक्षित मूल्य निर्धारण स्थायी समिति।
  15. परिसम्पत्तियों की अनुपयोगिता सम्बन्धी पहचान समिति
  16. भण्डार विभाग/प्रयोग करने वाले विभागों द्वारा अतिरिक्त घोषित किए जाने वाले सामान की जांच और उन पर कार्रवाई के लिए स्थायी समिति
  17. भण्डार विभाग/प्रयोग करने वाले विभागों द्वारा अतिरिक्त घोषित किए जाने वाले सामान की जांच और उन पर कार्रवाई के लिए स्थायी समिति
  18. भण्डारों में सुरक्षा प्रबन्धन प्रबल करने के लिए समिति
  19. टीआईसी एवं आईपीयू की मार्फत बदली तथा बट्टे खाते में डाले जाने वाले सभी मामलों के निरीक्षण व उन पर कार्रवाई के लिए स्थायी समिति
  20. विभागीय सुरक्षा समितियां
  21. स्थायी जांच समितियां
  22. विभागीय राजभाषा कार्यान्वयन समितियां

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प्रत्येक एजेन्सी को आबंटित बजट, जिसमें सभी योजनाओं का विवरण, प्रस्तावित व्यय तथा किए गए भुगतान का विवरण हो

विवरण (करोड़ रु )
कुल
 क. आय :-  
 सीधे-सीएमओ 7694
 स्टाॅकयार्ड 5389
 निर्यात 60
 निर्यात प्रोत्साहन 3
 बीपी एवं सेकेण्डरी 437
कुल:-  13584
 अन्तर कारखाना स्थानांतरण 332
 आन्तरिक उपभोग 29
कुल राजस्व :-  13945
 घटा : व्यय :-  
 उत्पादन शुल्क 1702
 बर्हिगामी भाड़ा 237
कुल:-   1939
शुद्ध राजस्व :-   12006
 भण्डारों में वृद्धि/कमी (-) 268
 अर्जित ब्याज 15
 अन्य राजस्व 83
 अनावश्यक प्रावधान बट्टे खाते में  
 पूर्व वर्षों के लिए समायोजन 237
शुद्ध आय :-   12371
   
 ख. व्यय:-  
 कोयला/कोक छोड़ कच्चा माल 1521
 अर्ध/तैयार माल 0
 कोकिंग कोयला, सीडीआई तथा वाह्य कोक 4169
 कर्मचारी पारिश्रमिक एवं अनुलाभ 1505
 भण्डार तथा कलपुर्जे 871
 बिजली एवं ईंधन 896
 मरम्मत एवं रखरखाव 135
 मुख्यालय/सेट/आरडीसीआईएस का अंश 127
 स्टाॅकयार्ड खर्च 62
 अन्य खर्चे एवं प्रावधान 350
कुल खर्च:-   9636
 घटा : अन्तर लेखा समायोजन 150
शुद्ध खर्च:-   9486
 ग. सकल मार्जिन  2885
 घ. ब्याज   246
 ङ. मूल्यहा्रस  2600
 च. शुद्ध लाभ (+)/हानि (–)  2846

सहायता कार्यक्रमों के कार्यान्वयन का तरीका, आबंटित राशि तथा ऐसे कार्यक्रमों से लाभान्वित व्यक्तियों का विवरण

बोकारो इस्पात कारखाना किसी भी गतिविधि के लिए कोई सहायता उपलब्ध नहीं कराता है।

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बोकारो इस्पात कारखाने द्वारा दिए गए/दी गई रियायतें, परमिट, अधिकार का विवरण

बोकारो इस्पात कारखाना कोई रियायत, परमिट या अधिकार प्रदान नहीं करता।

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निर्धारित अन्य कोई सूचना तथा प्रति वर्ष इनका नवीनीकरण

जल्दी ही प्रस्तुत की जाएगी।

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