आर्सेलरमित्तल तथा सेल ने भारत में ऑटोमोटिव स्‍टील संयुक्‍त उद्यम पर हस्‍ताक्षर किए

City Name: 
नई दिल्ली
Release Date: 
Fri, 05/22/2015 - 20:04

नई दिल्ली 22 मई 2015: विश्‍व की अग्रणी इस्‍पात तथा खनन कंपनी आर्सेलरमित्तल तथा भारत की अग्रणी इस्‍पात कंपनी स्‍टील अथॉरिटी ऑफ इण्डिया लिमिटेड (‘सेल’) ने भारत में संयुक्‍त उद्यम (जेवी) व्‍यवस्‍था के अंतर्गत एक ऑटोमोटिव स्‍टील निर्माण सुविधा की स्‍थापना के लिए आज एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्‍ताक्षर किए।

आज श्री लक्ष्‍मी मित्तल, अध्‍यक्ष तथा सीईओ, आर्सेलरमित्तल तथा श्री सी.एस. वर्मा, अध्‍यक्ष, सेल ने श्री राकेश सिंह, सचिव, भारत सरकार, इस्‍पात मंत्रालय और श्री आदित्य मित्तल, सीएफओ तथा सीईओ, आर्सेलरमित्तल युरोप की उपस्थिति में लंदन में इस समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किए।

यह समझौता ज्ञापन दोनों कंपनियों के बीच संयुक्‍त उद्यम स्‍थापित करने की प्रक्रिया का पहला कदम है। प्रस्‍तावित संयुक्‍त उद्यम के अंतर्गत भारत में एक अतिआधुनिक कोल्‍ड रोलिंग मिल तथा अन्‍य डाउनस्‍ट्रीम फिनिशिंग सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा जो भारत के तेज़ी से बढ़ते ऑटोमोटिव क्षेत्र को प्रौद्योगिकीय रूप से उन्‍नत इस्‍पात उत्‍पाद प्रदान करेंगी। अनुमान है वर्ष 2020 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल निर्माता देश बन जाएगा और इस अवधी में उत्पादन आज के करीब 3.5 मिलियन यूनिट्स से बढकर 7 मिलियन तक पहुंचेगा । मांग के स्‍तर के प्रतिउत्तर में और भारत सरकार के ‘मेक इन इण्डिया’ कार्यक्रम के सहयोग से, जो कि भारत को एक वैश्विक निर्माण केंद्र के रूप में बदलने के लिए डिज़ाइन किया गया है, ऑटोमोटिव निर्माता देश में अपनी बढ़ती हुई उपस्थिति दर्ज करवा रहे हैं।

इस घोषणा पर टिप्‍पणी करते हुए श्री राकेश सिंह, इस्‍पात सचिव, भारत सरकार ने कहा, ‘‘देश में उत्‍पादित ऑटोमोटिव स्‍टील की उपलब्‍धता को बढ़ाने से आयातों पर भारत की निर्भरता कम होगी और भारतीय इस्‍पात उद्योग तथा ऑटोमोटिव उद्योग को सतत प्रति‍स्‍पर्धी हितलाभ प्राप्‍त होगा। भारत का अंतर्राष्‍ट्रीय बाज़ार की ज़रूरतों को पूरा करने और ऑटोमोबाइल निर्यात निर्माण सुविधाओं के एक केंद्र के रूप में विकसित होना अपेक्षित है। आर्सेलरमित्तल तथा सेल के बीच यह प्रस्‍तावित गठबंधन माननीय प्रधानमंत्री, श्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘मेक इन इण्डिया’ अभियान के उद्देश्‍यों को पूरा करने की दिशा में एक सकारात्‍मक और स्‍वागत योग्‍य कदम है।’’

आर्सेलरमित्तल के अध्‍यक्ष तथा सीईओ श्री मित्तल ने कहा, ‘‘पिछले कुछ समय से हमारी सेल के साथ बातचीत चल रही थी और आज हुआ यह हस्‍ताक्षर हमारे बीच सहयोग को आगे बढ़ाने के हमारे उद्देश्‍य की ओर इशारा करता है। हमारी अग्रणी ऑटोमोटिव प्रौद्योगिकीय क्षमताओं को भारत में सेल के उत्‍पादन स्‍तर से संयोजित करना, चीन में हमारे VAMA संयुक्‍त उद्यम पर आर्सेलरमित्तल की हुनन वेलिन के साथ भागीदारी के समान ही, एक रोमांचक और सुदृढ़ संयोजन है। ऑटोमोटिव क्षेत्र आर्से‍लरमित्तल के लिए एक अत्‍यंत रणनीतिक तथा महत्‍वपूर्ण बाज़ार है; दुनिया के सबसे तेज़ी से आगे बढ़ रहे ऑटोमोटिव बाज़ारों में से एक भारत में अपनी ऑटोमोटिव केंद्रित उत्‍पादन उपस्थिति स्‍थापित करना, हमारी वैश्विक ऑटोमोटिव रणनीति के कार्यान्‍वयन में एक स्‍वाभाविक कदम है।‘’

श्री सी.एस. वर्मा, अध्‍यक्ष, सेल ने कहा, ‘‘सेल अपनी हॉट मेटल क्षमता को 14 मिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) से बढ़ाकर 23.5 एमटीपीए करने वाले अपने व्‍यापक आधुनिकीकरण तथा विस्‍तार कार्यक्रम को पूरा करने के कगार पर है, जिस्के तहत मूल्‍य संवर्धित इस्‍पात उत्‍पादन में खासी वृद्धी होगी। इसके अतिरिक्‍त, हमने यह क्षमता 50 एमटीपीए तक बढ़ाने के लिए एक विज़न 2025 योजना भी बनाई है। उत्‍पाद को बेहतर बनाना इस योजना का एक अभिन्‍न हिस्‍सा है और आर्सेलरमित्तल के सा‍थ हुआ समझौता ज्ञापन भारत में उच्‍च गुणवत्ता वाले ऑटोमोटिव स्‍टील के देशज उत्‍पादन में एक नया अध्‍याय खोलने का पथ प्रशस्‍त करेगा। यह भारत के तेज़ी से बढ़ते बुनियादी ढांचे तथा निर्माण क्षेत्रों की उच्‍च गुणवत्ता वाली इस्‍पात आवश्‍यकताओं को पूरा करने के सेल के प्रयासों के लिए भी मददगार होगा।’’

मांग में उल्‍लेखनीय वृद्धि और भारत के मौजूदा घरेलू ऑटोमोटिव इस्‍पात उत्‍पादन क्षमताओं का संयोजन आर्सेलरमित्तल तथा सेल दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। आने वाले महीनों में, दोनों कंपनियों के प्रति‍निधियों वाला एक कार्यसमूह प्रस्‍तावित संयुक्‍त उद्यम के लिए एक ढांचे के मूल्‍यांकन पर कार्य करेगा और एक व्‍यापक समुचित प्रक्रिया के एक हिस्‍से के रूप में डियू डिलिजेंस करेगा।

आर्सेलर मित्तल करीब 17 प्रतिशत मार्केट शेयर के साथ, वैश्विक ऑटोमोटिव क्षेत्र को विश्‍व का एक अग्रणी इस्‍पात आपूर्तिकर्ता है। वर्ष 2014 में, कंपनी ने वैश्विक स्तर पर अपने ग्राहकों को 13 मिलियन टन से अधिक इस्‍पात का परिवहन किया जिससे 12 बिलियन डॉलर से अधिक राजस्‍व प्राप्‍त हुआ। वैश्विक ऑटोमोटिव निर्माताओं को इनोवेटिव सौलयूशंस प्रदान करने का कंपनी का सिद्ध ट्रैक रिकॉर्ड है। विश्‍वभर में स्थित इसकी 12 में से 6 अनुसंधान तथा विकास प्रयोगशालाएं ऑटो निर्माताओं के लिए नए स्‍टील के विकास हेतु समर्पित हैं, जो कि वाहनों के वजन तथा लागत का इष्टतमीकरण, ऑटो निर्माताओं की कार्बन उत्‍सर्जन लक्ष्‍यों को पूरा करने में मदद और सुरक्षा के उच्‍च मानकों को सुनिश्चित करने इन पर ध्‍यान केंद्रित कर रही हैं। आधुनिक इनोवेशंस में समूह की इस्‍पात समाधानों की S-in-motion® रेंज शामिल है जो कि ऐसे उन्‍नत अत्‍यधिक सुदृढ़ इस्‍पात को प्रयुक्‍त करती है जो कि किसी वाहन के वजन को सामूहिक रूप से 23 प्रतिशत तक कम कर सकती है और वाहन के उपयोग चरण के दौरान कार्बन उत्‍सर्जन को 14 प्रतिशत तक कम कर सकती है। ऑटोमेटिव स्‍टील के लिए आर्सेलरमित्तल का वैश्विक फुटप्रिंट हाल ही में 2014 में एएम/एनएस कैल्‍वर्ट के अधिग्रहण द्वारा बढ़ाया गया। यह दक्षिणी अमेरिका में स्थित एक अतिआधुनिक फिनिशिंग सुविधा है जो कि बढ़ते NAFTA ऑटोमोटिव बाज़ार की ज़रूरतों को पूरा कर रही है और हुनन वेलिन के साथ करे गए संयुक्‍त उद्यम VAMA से चीन में उत्‍पादन उपस्थिति‍ का आरंभ किया है। यह विश्‍व के सबसे बड़े और तेज़ी से बढ़ रहे ऑटोमोटिव बाज़ार चीन में हाई स्ट्रैंथ ऑटोमोटिव इस्‍पात का उत्‍पादन करता है।

From left to right: ArcelorMittal Group CFO and CEO ArcelorMittal Europe, Mr. Aditya Mittal, Chairman, SAIL, Mr C.S.Verma, Chairman and CEO of ArcelorMittal, Mr. Lakshmi Mittal, Secretary, Ministry of Steel, Govt. of India Mr. Rakesh Singh.

Select List Order: 
1
Go to Top
Copyright © 2012 SAIL, all rights reserved
Designed & Developed by Cyfuture