सेल अध्यक्ष अनिल चौधरी ने कायाकल्प को नई दिशा देने को लेकर भिलाई संयंत्र का किया दौरा और कहा, “इस्पात के मौजूदा बेहतर दौर का लाभ उठाने का है समय”

City Name: 
New Delhi
Release Date: 
Mon, 10/01/2018 - 14:45

नई दिल्ली/भिलाई, 30 सितंबर 2019: स्टील अथॉरिटी ऑफ इण्डिया लिमिटेड (सेल) के नये अध्यक्ष श्री अनिल चौधरी ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद, सेल के कायाकल्प को नई दिशा देने एवं अपनी तात्कालिक प्राथमिकताओं को लेकर कार्मिकों से सीधे संवाद स्थापित करने की दिशा में नई शुरुआत की है। सेल अध्यक्ष ने सुरक्षा को संगठनात्मक प्राथमिकता बनाने, पूंजीगत निवेश से अधिकतम लाभ हासिल करने, रेल और स्ट्रक्चरल्स पर विशेष फोकस के साथ कच्चे माल और तकनीकी-आर्थिक मानकों समेत उत्पादन के सभी लक्ष्य हासिल करने, सशक्त प्रिवेंटिव रखरखाव प्रक्रियाओं और लॉजिस्टिक्स के जरिये ऑपरेशन्स को स्थिर करने, ग्राहकों पर निरंतर फोकस बनाए रखने, भविष्य में नई ऊंचाई हासिल करने के लिए डिजिटल क्षमता का विकास करने, सेल के पूरे संगठन में प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने, कर्मचारी संतुष्टि के लिए संगठनात्मक नीतियों को लागू करने और देश की भावी जरूरतों के लिए संगठन को तैयार करने को अपनी तात्कालिक प्राथमिकताओं में शामिल किया है। श्री चौधरी ने इस संवाद की शुरुआत सेल के भिलाई इस्पात संयंत्र से की।

श्री चौधरी ने कल 29 सितम्बर 2018 को अपने भिलाई प्रवास के दौरान कहा कि भारतीय रेलवे की रेल की माँग को पूरा करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने भिलाई से रेल उत्पादन बढ़ाने का आग्रह करते हुए इस साल 12 लाख टन रेल उत्पादन की ओर अग्रसर होने के लिए प्रेरित किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा, “हमें मौजूदा बाज़ार प्रतिस्पर्धा में खरा उतरना है और व्यवसायिक लाभ हासिल करना है। इसके लिए उत्पादन की प्रति टन लागत में कमी लाते हुए अधिकतम निष्पादन से लाभप्रदता हासिल करनी है, जिसके लिए आधुनिकीकृत इकाइयों से उत्पादन बढ़ाने पर विशेष जोर देने की ज़रूरत है।”

सेल अध्यक्ष श्री चौधरी ने स्टील मेल्टिंग शॉप-3 और ब्लूम कास्टर-3 जैसी सेल की नई सुविधाओं से उत्पादन को बढ़ाने पर ज़ोर देते हुए कहा कि “मौजूदा समय में इस्पात उद्योग एक बेहतर दौर से गुजर रहा है, यह दौर इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने का है।” सेल कर्मियों के मनोबल, मोटिवेशन और टीम वर्क पर बार-बार ज़ोर देते हुए श्री चौधरी ने कहा, “मेरा हमेशा से विश्वास है कि हमारे लोग हमारी सबसे बड़ी पूंजी हैं। हमें नई राह बनानी है ताकि हम अपनी वास्तविक क्षमता का दोहन कर सकें। हमारी सामूहिक संगठनात्मक प्रतिभा के लिए लक्ष्यों का कोई भी आकाश छोटा ही साबित होगा।”

श्री चौधरी ने कार्मिकों से संवाद करने के अलावा संयंत्र का निरीक्षण किया और विभिन्न नई सुविधाओं से भी रूबरू हुये। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमें संसाधनों का अनुकूलतम उपयोग करना है और तकनीकी-आर्थिक मानकों में और सुधार करते हुए, भविष्य के लिए आधारभूत क्षमता के निर्माण पर फोकस करना है। उन्होंने आगे कहा कि हमारी आंतरिक क्षमता ऐसी होनी चाहिए कि बाज़ार की उथल-पुथल हमें विचलित न कर पाये।

श्री चौधरी अपने व्यापक संवाद कार्यक्रम के दौरान संयंत्र के स्टेहोल्डर के तीनों महत्वपूर्ण समूहों – लीडर्स (वरिष्ठ प्रबंधन), इन्फ़्लुएंसर्स (यूनियन / एसोसिएशन प्रतिनिधि) और डूअर्स (कार्मिकों का क्रॉस सेक्शन) – से मिले और उनसे संगठन की प्राथमिकताएं साझा कीं ताकि सभी स्तरों पर एक सी समझ बन सके और समन्वित कार्यसंस्कृति विकसित हो। उन्होंने कार्मिकों से संगठन को अपना सर्वश्रेष्ठ देने का संदेश देते हुए कहा कि कंपनी भी उनकी सुविधाओं में सुधार के लिए निरंतर प्रयत्नशील रहेगी।

श्री चौधरी ने भिलाई की कार्य-संस्कृति ने की सराहना करते हुए कहा कि जिस तरह बिंदी दुल्हन का मान बढ़ाती है, उसी तरह भिलाई संयंत्र ने सेल के मुकुट का हीरा बनकर इस महारत्न का मान बढ़ाया है। इस अवसर पर सेल अध्यक्ष श्री चौधरी के साथ सेल के निदेशक परियोजना एवं व्यापार योजना श्री जी. विश्वकर्मा, निदेशक तकनीकी श्री एच एन राय, भिलाई संयंत्र के सीईओ श्री एम रवि समेत सेल के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में कार्मिक मौजूद थे।

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