सेल ने वित्त वर्ष 2025-26 की नौमाही के वित्तीय नतीजे जारी किए

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नई दिल्ली

नई दिल्ली, 30 जनवरी, 2026: सार्वजनिक क्षेत्र की महारत्न कंपनी, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त नौ महीने की अवधि (9M FY’26) के वित्तीय नतीजे आज जारी किए हैं, जो मजबूत ऑपरेशनल परफ़ोर्मेंस और बेहतर लाभप्रदता को दिखाते हैं।

मुख्य विशेषताएं:

  • क्रूड स्टील उत्पादन: क्रूड स्टील के उत्पादन में 2% की वृद्धि हुई, जो 14.08 मिलियन टन से बढ़कर 14.35 मिलियन टन हो गया, जो कंपनी के स्टेबल ऑपरेशन को दिखाता है।

  • विक्रेय मात्रा (Sales Volume): कंपनी के विक्रेय में 16.3% की वृद्धि दर्ज की गई, क्योंकि कंपनी ने खुदरा और अन्य उपभोक्ताओं तक अपनी पहुंच बढ़ाई, इन्वेंट्री का उपयोग किया और अपनी डिस्पैच तथा बाजार पहुंच में सुधार किया।

  • कारोबार(Revenue): कंपनी के कारोबार में लगभग 9-10% की वृद्धि हुई, जो ₹73,162 करोड़ से बढ़कर ₹79,997 करोड़ हो गई है, जो व्यापक रूप से विक्रेय मात्रा में हुई वृद्धि के अनुरूप है।

  • कर पश्चात लाभ (PAT): ऑपरेशनल दक्षता, इन्वेंट्री के निपटान और लागत अनुकूलन के कारण शुद्ध लाभ (PAT) में लगभग 60% का उछाल आया।

  • कर्ज में कमी: वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीनों के दौरान कर्ज में लगभग ₹5000 करोड़ की कमी दर्ज की गई।

 

वित्तीय वर्ष 2025-26 के पहले 9 महीनों (स्टैंडअलोन) के प्रदर्शन पर एक नज़र:

 

इकाई

9M 24-25

9M 25-26

कच्चा इस्पात उत्पादन

मिलियन टन

14.08

14.35

विक्रय मात्रा

मिलियन टन

12.56

14.61

प्रचालन से कारोबार

रुपया करोड़

73,162

79,997

ब्याज, कर और मूल्यहास चुकाने से पहले की कमाई (EBITDA)

रुपया करोड़

7,983

8384

अप्रत्याशित वस्तुएं और कर से पहले का लाभ

रुपया करोड़

1,728

2,349

अप्रत्याशित वस्तुएं

रुपया करोड़

(283)

(338)

कर–पूर्व लाभ (PBT)

रुपया करोड़

1,445

2,010

कर – पश्चात लाभ (PAT)

रुपया करोड़

970

1,554

इस अवसर पर सेल अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री अमरेंदु प्रकाश ने कहा, "हमने लाभप्रदता (profitability) में सुधार दर्ज किया है, जिसमें वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीनों के दौरान कर पश्चात लाभ (profit after tax) पिछले वर्ष की तुलना में 60% बढ़ा है। यह वृद्धि अधिक वॉल्यूम, ऑपरेटिंग लीवरेज और विवेकपूर्ण वित्तीय प्रबंधन के कारण संभव हुई है। मजबूत घरेलू मांग और बेहतर बाजार पैठ (market penetration) की वजह से बिक्री में अच्छी बढ़त देखी गई है। हमने इनपुट लागत में अस्थिरता और प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण के माहौल के बावजूद, अधिक वॉल्यूम, बेहतर उत्पाद मिश्रण और निरंतर लागत अनुशासन के सहयोग से ऑपरेटिंग लाभप्रदता को बनाए रखा है।“

Press Release No
SAIL/PR/19/25-26
Set Order
538