अधिकारियों व कर्मचारियों के अधिकार एवं कर्तव्य।

Right to information act

सेल अधिकारियों व कर्मचारियों के अधिकार एवं कर्तव्य

भूमिका सेल के निगमित यूनिट निम्न सामान्य कार्य करते हैं -

  • कम्पनी के लिए दीर्घकालीन योजनाएं बनाना।
  • कारखानों में कार्यरत कर्मियों से विचार-विमर्श के बाद नीति निर्धारण। सहमति से बनाई गई नीतियों के लिए कार्य योजना बनाना, उनका कार्यान्वयन सुनिश्चित करना।
  • उद्देश्यों, लक्ष्यों तथा कार्य योजनाओं के संबंध में संगठन में निष्ठा भाव प्रेरित करना व उन्हें स्पष्ट रूप से सामने रखना।
  • प्रत्येक कार्य क्षेत्र में निष्पादन मानकों का विकास तथा निरंतर बेहतर मानकों के लिए लोगों को तैयार करना।
  • वर्तमान उपलब्ध साधनों का अधिकतम उपयोग व सहज तथा कुशल संचालन सुनिश्चित करना। कम्पनी के योजनाबद्ध विकास व लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करना जिससे कम्पनी में अत्यन्त कुशलतापूर्वक कार्य सम्भव हो।
  • लक्ष्यों को ध्यान में रखकर प्रत्येक यूनिट के कार्य-निष्पादन की समीक्षा तथा जहाँ आवश्यक हो आवश्यक कार्रवाई का सुझाव।
  • विभिन्न कारखानों के कार्य में तालमेल बैठाना। अन्तर-कारखाना विचार-विमर्श में सुधार लाना, ज्ञान का प्रसार तथा कम्पनी के कार्यों में एकजुटता लाना।
  • समस्याओं के पूर्वानुमान से कारखानों की सहायता करना तथा उनके कार्यों में सुधार लाना।
  • वित्त का केन्द्रीयकृत नियंत्रण।
  • महत्वपूर्ण कच्चे माल की खरीद/आयात।
  • कारखानों के प्रबन्ध निदेशकों को प्राप्त अधिकार से अधिक के पूँजीगत निवेशों के बारे में निर्णय।
  • सभी बाह्य एजेन्सियों, केन्द्रीय व राज्य सरकारों, मंत्रालयों, रेलवे, सप्लायरों से कम्पनी के बेहतर संचालन के लिए समन्वयन।
  • कम्पनी में योग्य प्रबन्धक केडर व निष्ठावान कर्मी दल का विकास।
  • कम्पनी के सभी स्तरों पर आंकड़ों का बैंक व प्रबंधन सूचना सेवा का विकास जिससे समस्या का पता लगाने व उसके समाधान में सहायता मिले।
  • आम जनता में कम्पनी की निगमित छवि बनाने के लिए सभी सम्पर्क साधनों का उपयोग।
  • प्रत्येक निगमित यूनिट के कार्यों का विवरण आगे के पृष्ठों में दिया गया है।

निगमित आयोजन

  • सेल के लिए दीर्घकालीन रणनीति तैयार करने में मुख्य कार्यकारी ही सहायता।
  • सेल/प्रत्येक कारखाने/यूनिट में दीर्घकालीन रणनीति बनाने के लिए विशेष व्यवस्था स्थापित करना।
  • संगठन में आयोजन संस्कृति के विकास के लिए कार्य योजनाएं तैयार करना।
  • एकीकृत दृष्टिकोण के लिए दीर्घकालीन, मध्यमकालीन तथा लघुकालीन योजनाओं को एक सूत्र में बांधने के लिए प्रणाली का विकास।
  • योजनाओं पर नजर रखना, उनके कार्यान्वयन तथा निरंतर आधार पर उनका नवीकरण करते रहना।

परिचालन निदेशालय 

उत्पादन, आयोजन व नियंत्रण
तकनीकी-आर्थिक और गुणवत्ता
कच्चा माल तथा आधारभूत सुविधाएं
मरम्मत व रखरखाव के लिए आयोजन
अन्य